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नोएडा स्टेडियम में रामलीला के दूसरे दिन रावण की तपस्या और श्रवण कुमार की कथा का भावपूर्ण मंचन

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नोएडा रामलीला: रावण की तपस्या और श्रवण कुमार की कथा का मंचन

रावण के अहंकार, वेदवती के श्राप और श्रवण कुमार के बलिदान के प्रसंगों ने दर्शकों को किया भावविभोर

नोएडा। नोएडा स्टेडियम में श्री सनातन धर्म रामलीला समिति, नोएडा के तत्वावधान एवं हरि भक्ति कला ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित भव्य रामलीला के द्वितीय दिवस पर रावण की तपस्या, वेदवती के श्राप और श्रवण कुमार की मार्मिक कथा का प्रभावशाली मंचन किया गया। सुप्रसिद्ध निर्देशक पंकज शर्मा के निर्देशन में कलाकारों ने अपने उत्कृष्ट अभिनय से पौराणिक प्रसंगों को जीवंत कर दिया। भावनात्मक दृश्यों के दौरान दर्शक भावविभोर नजर आए और तालियों के साथ कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

रावण की तपस्या और अहंकार का हुआ मंचन

रामलीला के प्रथम भाग में रावण के जन्म, उसकी कठोर तपस्या और ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त करने के प्रसंगों का मंचन किया गया। इन दृश्यों के माध्यम से दिखाया गया कि अपार शक्ति और सामर्थ्य प्राप्त करने के बाद रावण किस प्रकार अहंकार से ग्रसित हो जाता है।

इसके बाद रंभा के साथ दुर्व्यवहार के कारण नलकुबेर द्वारा रावण को श्राप दिए जाने तथा हरिभक्त वेदवती के साथ दुर्व्यवहार के प्रसंग प्रस्तुत किए गए। अपमानित वेदवती द्वारा रावण की मृत्यु का कारण बनने की प्रतिज्ञा का दृश्य विशेष रूप से प्रभावशाली रहा।

बालक रावण की भूमिका में अंगद, रावण की भूमिका में अमित शर्मा, रंभा की भूमिका में सुहानी और वेदवती की भूमिका में सोनम ने शानदार अभिनय किया। कलाकारों की संवाद अदायगी, भाव-भंगिमाओं और मंचीय प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।

श्रवण कुमार की कथा ने दर्शकों की आंखें की नम

रामलीला के दूसरे भाग में मातृ-पितृ भक्ति के प्रतीक श्रवण कुमार की मार्मिक कथा का मंचन हुआ। अपने नेत्रहीन माता-पिता की सेवा करने और उन्हें तीर्थयात्रा कराने वाले श्रवण कुमार के त्याग एवं समर्पण की कहानी ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

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राजा दशरथ द्वारा शब्दभेदी बाण चलाए जाने से श्रवण कुमार के घायल होने और पुत्र वियोग में उनके माता-पिता द्वारा प्राण त्यागने के दृश्यों ने पूरे वातावरण को गमगीन कर दिया। राजा दशरथ की भूमिका में हिमांशु और श्रवण कुमार की भूमिका में संभव ने अपने मर्मस्पर्शी अभिनय से दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इस प्रसंग के माध्यम से माता-पिता के प्रति सेवा, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश प्रभावी ढंग से दिया गया।

भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों का संदेश दे रही रामलीला

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नोएडा स्टेडियम में आयोजित रामलीला में आधुनिक तकनीक, भव्य मंच सज्जा और कलाकारों के उत्कृष्ट अभिनय का शानदार समन्वय देखने को मिल रहा है। रामलीला के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और धार्मिक परंपराओं का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। मंचन देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक पहुंच रहे हैं।

समिति के पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग रहे उपस्थित

कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर समिति के चेयरमैन डॉ. टी. एन. गोविल, अध्यक्ष टी. एन. चौरसिया, महासचिव संजय बाली, कार्यकारी अध्यक्ष सुशील भारद्वाज, कोषाध्यक्ष अल्पेश गर्ग सहित रमेश कुमार, एस.के.एस. राणा, अनुज गुप्ता, सत्यनारायण गोयल, पंकज जिंदल, मित्रा शर्मा, विपिन मलन, जनक भाटिया, नवीन सोनी, जे.सी. माहेश्वरी, समीर अग्रवाल, वीरेंद्र मेहता, नरेंद्र चोपड़ा, मनीष अग्रवाल, पवनदीप सिंह, विपिन बंसल, अनिल गुप्ता, विनय शर्मा, सौरभ गोविल, महेंद्र कटारिया, राजीव अजमानी, संजय गोयल, विकास जैन, अखिलेश बधोरिया, जितेंद्र सिंह, महेश चौहान, प्रमोद शर्मा, अशोक मिश्रा, राकेश गुप्ता, अशोक चौहान, राजेश भारद्वाज, रविंदर गुप्ता, अर्चना राय, केशव गंगल, अतुल वर्मा, रोहित श्रीवास्तव, पुनीत शुक्ला, श्रेया चतुर्वेदी, डॉ. एस.पी. जैन, संजय जैन, अमित पोरवाल, मनोज पोरवाल, नरेश बंसल, छाया राय, विशाल कश्यप, लोकेश कश्यप, गिरिजा सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति, श्रद्धालु एवं दर्शक उपस्थित रहे।

रामलीला के दूसरे दिन की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को जहां भावनात्मक रूप से जोड़ा, वहीं धर्म, मर्यादा, अहंकार के दुष्परिणाम और माता-पिता के प्रति कर्तव्य जैसे महत्वपूर्ण संदेश भी दिए।

 

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