नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ सांसद Saugata Roy ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से मांग की है कि जो सांसद अपनी पार्टी छोड़कर अलग गुट बना रहे हैं, उन्हें संविधान और दल-बदल विरोधी कानून के तहत लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाए।
सौगत रॉय ने कहा कि संबंधित सांसदों ने किसी दूसरी पार्टी के साथ वैध विलय (मर्जर) की संवैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। उनका आरोप है कि बागी सांसद केवल दल-बदल कानून से बचने के लिए नए राजनीतिक समूह के साथ जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बिना मूल राजनीतिक दल के औपचारिक विलय के केवल सांसदों का अलग होना कानून के तहत मान्य नहीं माना जा सकता। ऐसे में उनके नए गुट को आधिकारिक मान्यता नहीं दी जानी चाहिए।
सौगत रॉय ने विश्वास जताया कि लोकसभा अध्यक्ष इस मामले में संविधान, दसवीं अनुसूची (एंटी-डिफेक्शन लॉ) और न्यायिक व्याख्याओं के अनुरूप निष्पक्ष निर्णय लेंगे। फिलहाल इस मुद्दे पर अंतिम फैसला स्पीकर के विचाराधीन है।
