Home दुनिया ब्रिटेन की राजनीति में फिर उथल-पुथल! पीएम कीर स्टार्मर के खिलाफ बढ़ी...

ब्रिटेन की राजनीति में फिर उथल-पुथल! पीएम कीर स्टार्मर के खिलाफ बढ़ी बगावत, 10 साल में 6 प्रधानमंत्री बदलने से उठे सवाल

0

सत्ता में आने के एक साल के भीतर ही बढ़ा असंतोष, पार्टी के भीतर विरोध तेज; लगातार बदलते प्रधानमंत्रियों से राजनीतिक स्थिरता पर सवाल

 

ब्रिटेन की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल के दौर में है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को अपनी ही पार्टी के भीतर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 10 वर्षों में ब्रिटेन छह प्रधानमंत्री बदल चुका है, जिससे देश की राजनीतिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर स्टार्मर के खिलाफ बगावत की वजह क्या है और इसका ब्रिटेन की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा? देखिए हमारी यह खास रिपोर्ट।”

 

लंदन:-कीर स्टार्मर के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी सरकार को सत्ता संभाले अभी एक वर्ष भी पूरा नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी के भीतर असंतोष और विरोध के स्वर तेज होते दिखाई दे रहे हैं। सरकार की कुछ नीतियों, आर्थिक फैसलों और कल्याणकारी योजनाओं में प्रस्तावित बदलावों को लेकर कई सांसदों ने खुलकर नाराज़गी जताई है। इससे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पर राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है।

 

ब्रिटेन की राजनीति पिछले एक दशक से लगातार अस्थिरता का सामना कर रही है। वर्ष 2016 के बाद से देश में छह प्रधानमंत्री बदल चुके हैं। इस दौरान डेविड कैमरून, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस, ऋषि सुनक और अब कीर स्टार्मर देश की कमान संभाल चुके हैं। इतने कम समय में बार-बार नेतृत्व बदलने से ब्रिटेन की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठने लगे हैं।

 

विशेषज्ञों का मानना है कि स्टार्मर सरकार को सबसे बड़ी चुनौती अपनी ही पार्टी के असंतुष्ट सांसदों को साथ बनाए रखने की है। सरकार की आर्थिक नीतियों, सरकारी खर्च में कटौती और कुछ सामाजिक कल्याण योजनाओं में बदलाव को लेकर कई सांसदों ने आपत्ति जताई है। विपक्ष भी इन मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है।

 

हालांकि, अभी तक ऐसी स्थिति नहीं बनी है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी पर तत्काल कोई संकट खड़ा हो जाए। लेबर पार्टी के पास संसद में स्पष्ट बहुमत है, लेकिन यदि पार्टी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ता रहा तो सरकार के लिए आने वाले समय में कई अहम विधेयकों को पारित कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ब्रिटेन में पिछले कुछ वर्षों से आर्थिक दबाव, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ता बोझ, आव्रजन और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों ने सरकारों के लिए मुश्किलें बढ़ाई हैं। यही कारण है कि किसी भी प्रधानमंत्री के लिए लंबे समय तक राजनीतिक समर्थन बनाए रखना आसान नहीं रहा।

 

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को कैसे संभालते हैं और क्या वे ब्रिटेन को राजनीतिक स्थिरता की ओर ले जाने में सफल

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version