तेहरान/वॉशिंगटन: ईरान की निर्वासित शाही परिवार की सदस्य नूर पहलवी ने देश में संभावित सत्ता परिवर्तन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान में हालात पहले कभी इतने बड़े राजनीतिक बदलाव के करीब नहीं पहुंचे थे।
नूर पहलवी ने ईरान की जनता से अपील की है कि वे इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ एकजुट होकर आवाज़ बुलंद करें। उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था से लोगों में व्यापक असंतोष है और यही समय है जब नागरिक अपने भविष्य को लेकर निर्णायक कदम उठा सकते हैं।
उन्होंने सीधे तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई को चुनौती देते हुए कहा कि देश में बदलाव की लहर तेज हो रही है और सरकार जनता की आकांक्षाओं को दबा नहीं पाएगी।
गौरतलब है कि 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान में शाही शासन समाप्त हो गया था और इस्लामिक गणराज्य की स्थापना हुई थी। पहलवी परिवार तब से निर्वासन में रह रहा है। हाल के वर्षों में आर्थिक संकट, सामाजिक प्रतिबंधों और राजनीतिक असंतोष के चलते ईरान में कई बार बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही विपक्षी आवाजें तेज हो रही हों, लेकिन सत्ता परिवर्तन की राह आसान नहीं है। ईरान की मौजूदा राजनीतिक और सुरक्षा संरचना काफी मजबूत मानी जाती है।
फिलहाल नूर पहलवी के इस बयान ने ईरानी राजनीति में नूर पहलवी नई बहस छेड़ दी है। अब देखना होगा कि यह अपील देश के भीतर कितना असर डाल पाती है।
