हाजीपुर। पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने रेल यात्रियों और रेलकर्मियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विशेष पेयजल गुणवत्ता जांच अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों और कार्यालय परिसरों में उपलब्ध पेयजल सुविधाओं की नियमित एवं सघन जांच की जा रही है।
इस विशेष अभियान के दौरान पानी की टंकियों, वाटर कूलर, वाटर टैप, वाटर फिल्टर और पाइप लाइनों की स्थिति की जांच के साथ-साथ इनके रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पूर्व मध्य रेल के स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न प्रकार के परीक्षण किए जा रहे हैं।
अभियान के तहत अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण, जीवाणु संवर्धन परीक्षण और रासायनिक परीक्षण किए जा रहे हैं। इन जांचों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यात्रियों और रेलकर्मियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो।
रेल प्रशासन के अनुसार, जांच के दौरान जहां भी पेयजल की गुणवत्ता से संबंधित प्रतिकूल परिणाम सामने आ रहे हैं, वहां तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा रही है। संबंधित पेयजल स्रोतों की दोबारा जांच कर व्यवस्था को निर्धारित मानकों के अनुरूप लाने का प्रयास किया जा रहा है।
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यह विशेष अभियान पूर्व मध्य रेल के पांचों मंडलों के सभी रेलवे स्टेशनों, रेल कॉलोनियों और कार्यालयों में स्थित पेयजल स्थलों पर चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान न केवल पेयजल की गुणवत्ता की जांच की जाएगी, बल्कि आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाएगी।
स्वास्थ्य निरीक्षकों द्वारा पेयजल की गुणवत्ता की नियमित निगरानी जारी रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही की स्थिति उत्पन्न न हो। रेल प्रशासन का उद्देश्य यात्रियों और रेलकर्मियों के लिए सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
पूर्व मध्य रेल प्रशासन ने कहा है कि यात्रियों और रेलकर्मियों के स्वास्थ्य एवं सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी क्रम में स्वच्छ पेयजल व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए नियमित जांच, रखरखाव और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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