नोएडा। क्रिटिकल केयर सेवाओं के प्रति आम लोगों को जागरूक करने और आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर चिकित्सा सहायता के महत्व को समझाने के उद्देश्य से रविवार को सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन (SCCM), दिल्ली-नोएडा की ओर से विशेष वॉकथॉन का आयोजन किया गया। ISCCM Day एवं प्रथम नेशनल क्रिटिकल केयर डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘Care at Community Doorstep’ (क्रिटिकल केयर समुदाय के द्वार पर) रखी गई। इस पहल के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि गंभीर बीमारियों में मरीज की जान बचाने के लिए जागरूकता, समय पर पहचान और त्वरित चिकित्सा सहायता बेहद महत्वपूर्ण हैं।
इस कार्यक्रम में गौतमबुद्ध नगर के सांसद एवं भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। वॉकथॉन में दिल्ली-एनसीआर के लगभग 250 से 300 डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल स्टाफ और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
चिल्ला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से शुरू हुई वॉकथॉन
ISCCM की ओर से आयोजित ‘ISCCM – Walk for Life’ वॉकथॉन का शुभारंभ चिल्ला स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से हुआ। प्रतिभागियों ने स्वास्थ्य जागरूकता और क्रिटिकल केयर सेवाओं की उपयोगिता से जुड़े संदेशों के साथ अपनी सहभागिता दर्ज कराई। वॉकथॉन का समापन नोएडा के सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के गेट नंबर-4 पर हुआ।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य क्रिटिकल केयर को केवल अस्पतालों और इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) तक सीमित समझने की धारणा को बदलना था। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी गंभीर चिकित्सा स्थिति में शुरुआती समय काफी महत्वपूर्ण होता है। यदि मरीज की स्थिति को समय रहते पहचाना जाए और बिना देरी के उचित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए, तो उपचार की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

डॉ. महेश शर्मा ने समय पर इलाज के महत्व पर दिया जोर
वॉकथॉन के समापन अवसर पर सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उपस्थित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने गंभीर बीमारियों के उपचार में समय पर चिकित्सा सहायता की भूमिका और आम नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने तथा चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाने की दिशा में चिकित्सक समुदाय के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी सामने आया कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ-साथ आम लोगों की जागरूकता तथा समय पर सही कदम उठाने की समझ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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समुदाय तक क्रिटिकल केयर जागरूकता पहुंचाने की पहल
‘Care at Community Doorstep’ की अवधारणा के तहत आयोजित वॉकथॉन का उद्देश्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना था। कई बार आपातकालीन स्थिति में जानकारी के अभाव, लक्षणों को गंभीरता से नहीं लेने या चिकित्सा सहायता लेने में देरी के कारण मरीज की परेशानी बढ़ सकती है।
ऐसे में लोगों को यह समझाना जरूरी है कि अचानक बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों के निर्देशों का पालन करना चाहिए। क्रिटिकल केयर के प्रति जागरूकता का विस्तार होने से समुदाय में आपातकालीन परिस्थितियों का सामना करने की बेहतर समझ विकसित हो सकती है।
इस आयोजन ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवरों और समाज के बीच संवाद को मजबूत करने का संदेश भी दिया। वॉकथॉन के जरिए यह रेखांकित किया गया कि गंभीर मरीजों की देखभाल के लिए अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ समय पर पहचान, उचित रेफरल और प्रभावी आपातकालीन व्यवस्था भी आवश्यक है।

चिकित्सा विशेषज्ञों और स्वास्थ्यकर्मियों की रही भागीदारी
कार्यक्रम में कैलाश अस्पताल समूह की चेयरपर्सन डॉ. उमा शर्मा, कैलाश अस्पताल समूह के क्रिटिकल केयर डायरेक्टर डॉ. अनिल गुरनानी, SCCM दिल्ली-नोएडा के चेयरपर्सन डॉ. अखिल तनेजा, सचिव डॉ. अमित गोयल और कोषाध्यक्ष डॉ. अनुप अग्रवाल उपस्थित रहे।
इसके अलावा समिति के सदस्यों में डॉ. अनीश गुप्ता, डॉ. देव शंकर पटेल, डॉ. ऋषभ कुमार मित्तल, डॉ. प्रशांत सिंह, डॉ. सौरभ जैन, डॉ. जितिन शर्मा, डॉ. राहुल कुमार और डॉ. गौरव प्रताप सिंह ने भी सहभागिता की।
कार्यक्रम में पदेन सदस्य डॉ. प्रशांत कुमार, उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष भारद्वाज, कार्यकारिणी समिति के सदस्य डॉ. रंजीत चटर्जी, उत्तरी क्षेत्र के क्षेत्रीय सदस्य डॉ. सौरभ तनेजा सहित दिल्ली-एनसीआर के बड़ी संख्या में चिकित्सक मौजूद रहे।
आयोजन के सफल संचालन में योगदान देने वाले डॉ. अखिल तनेजा और डॉ. आशुतोष भारद्वाज के नेतृत्व एवं सहयोग की भी सराहना की गई। साथ ही डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, स्वयंसेवकों और सोसाइटी के सदस्यों के समर्पण एवं उत्साह के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूक समाज बनाने का संदेश
ISCCM Day और प्रथम नेशनल क्रिटिकल केयर डे के अवसर पर आयोजित यह वॉकथॉन गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समय पर इलाज की आवश्यकता को रेखांकित करने वाली पहल रही। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि क्रिटिकल केयर केवल ICU में शुरू होने वाली प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसकी नींव समुदाय में जागरूकता, आपातकालीन स्थिति की पहचान और सही समय पर चिकित्सा सहायता लेने से पड़ती है।
इस तरह की गतिविधियां स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े पेशेवरों और आम नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने में सहायक हो सकती हैं। आयोजन का व्यापक उद्देश्य एक ऐसे जागरूक समाज की दिशा में प्रयास करना रहा, जहां गंभीर स्वास्थ्य स्थिति में समय पर मदद लेने और मरीज को उचित चिकित्सा सुविधा तक पहुंचाने को प्राथमिकता दी जाए।
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