ताड़ोकी–रावघाट एवं अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का हुआ भव्य उद्घाटन,रावघाट–रायपुर एवं रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना,रायपुर में 300 हाई हॉर्सपावर क्षमता वाले इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास
बिलासपुर/रायपुर:भारतीय रेल द्वारा छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा यात्री सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया गया।
स्वतंत्रता के बाद पहली बार दक्षिण छत्तीसगढ़ के वनांचल और दूरस्थ क्षेत्र रावघाट तक रेलगाड़ी पहुंची है। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति में ताड़ोकी–रावघाट एवं अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का औपचारिक उद्घाटन किया गया।
इस अवसर पर रावघाट–रायपुर एवं रायपुर–कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर जनता को समर्पित किया गया। इसके साथ ही, रायपुर में अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी (Electric Loco Maintenance Facility) का शिलान्यास भी संपन्न हुआ। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव इस पूरे कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
रावघाट तक रेल का पहुंचना: बस्तर के लिए ऐतिहासिक स्वर्णिम क्षण
आजादी के 7 दशक से भी अधिक समय बाद रावघाट जैसे दूरस्थ अंचल का भारतीय रेल नेटवर्क से जुड़ना दक्षिण छत्तीसगढ़ (बस्तर संभाग) के विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
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परियोजना की लागत और दूरी: दल्लीराझरा एवं रावघाट के मध्य ₹1,628 करोड़ की कुल लागत से 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है।
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अंतिम चरण का कार्य पूर्ण: ताड़ोकी से रावघाट के बीच अंतिम 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का कार्य सफलता से पूरा होते ही पूरी परियोजना राष्ट्र को समर्पित कर दी गई।
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सामाजिक प्रभाव: इस रेल संपर्क से दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों, आदिवासियों और ग्रामीणों को स्वास्थ्य, उच्च शिक्षा, रोजगार और प्रांतीय व्यापारिक केंद्रों तक सीधी व सुलभ पहुंच मिलेगी।
औद्योगिक क्रांति और भिलाई स्टील प्लांट को मिलेगा नया जीवन
रावघाट तक रेल नेटवर्क स्थापित होने से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को अभूतपूर्व गति मिलेगी:
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लौह अयस्क (Iron Ore) परिवहन: रावघाट क्षेत्र में स्थित समृद्ध लौह अयस्क खदानों से कच्चे माल की आपूर्ति अब बिना किसी बाधा के हो सकेगी।
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भिलाई इस्पात संयंत्र (BSP) को लाभ: इस लाइन से भिलाई स्टील प्लांट सहित देश के प्रमुख इस्पात उद्योगों की कच्चे माल की दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी।
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रोजगार सृजन: माल ढुलाई सुगम होने से क्षेत्र में नए औद्योगिक निवेश, लॉजिस्टिक्स हब और स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
₹7,000 करोड़ से अधिक का रिकॉर्ड रेल बजट: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार जताया।
“माननीय प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में रेल इंफ्रास्ट्रक्चर का अभूतपूर्व विकास हो रहा है। इस वर्ष केंद्र सरकार की ओर से छत्तीसगढ़ को ₹7,000 करोड़ से अधिक का रेल बजट प्राप्त हुआ है। यह बजट राज्य के कोने-कोने तक आधुनिक रेल नेटवर्क पहुंचाने और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की केंद्र सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री (छत्तीसगढ़)

केंद्र सरकार का विज़न और निरंतर विकास: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने संबोधन में प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए राज्य में चल रही अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं का ब्यौरा दिया:
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गेज परिवर्तन कार्य: दल्लीराझरा–रावघाट रेल लाइन के साथ-साथ केंद्री–अभनपुर–राजिम–धमतरी आमान परिवर्तन (Gauge Conversion) का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है।
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जारी परियोजनाएं: खरसिया–परमालकसा डबल लाइन परियोजना पर काम प्रगति पर है।
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कैबिनेट मंजूरी: हाल ही में पेंड्रारोड–बिलासपुर–उसलापुर तीसरी रेल लाइन को केंद्रीय कैबिनेट से मिली मंजूरी से रेल यातायात और अधिक सुगम होगा।
अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन: दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत
केन्द्री–धमतरी एवं अभनपुर–राजिम परियोजना के तहत अभनपुर से राजिम के बीच पहले ही ट्रेनें चल रही हैं।
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22 किमी नया ब्रॉडगेज: अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का गेज परिवर्तन पूर्ण कर आज से रेल सेवा चालू कर दी गई है।
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आगामी लक्ष्य: इस परियोजना के अंतिम चरण कुरूद–धमतरी सेक्शन पर काम तेजी से जारी है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।
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लाभ: इस रेल सेवा से दैनिक नौकरीपेशा लोगों, छोटे व्यापारियों और विद्यार्थियों को राजधानी रायपुर पहुंचने में समय और पैसे दोनों की बचत होगी।
मात्र ₹55 में रायपुर से रावघाट की आरामदायक यात्रा
आम जनता, किसानों और मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखते हुए रेल प्रशासन ने यात्री किरायों को बेहद किफायती रखा है:
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किराया दर: रायपुर से रावघाट तक का किराया मात्र ₹ 55 तय किया गया है।
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आर्थिक लाभ: इस न्यूनतम किराये से ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी फसलों और सब्जियों को रायपुर की बड़ी मंडियों तक आसानी से पहुंचा सकेंगे।
रायपुर में 300 हाई हॉर्सपावर लोको मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास
रेल परिचालन को सुचारु बनाने के लिए रायपुर में आधुनिक इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास किया गया:
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रखरखाव क्षमता: इसमें भविष्य में एक साथ 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों (Electric Locomotives) की मरम्मत और रखरखाव की क्षमता होगी।
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माल ढुलाई में मजबूती: इससे इंजनों की कमी नहीं होगी और मालगाड़ियों के साथ-साथ यात्री गाड़ियों का परिचालन बिना किसी देरी के समय पर हो सकेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथि
इस ऐतिहासिक समारोह में शासन और प्रशासन के कई प्रमुख चेहरे उपस्थित रहे:
निष्कर्ष: रावघाट तक ट्रेन का पहुंचना केवल पटरियों का बिछना भर नहीं है, बल्कि यह दक्षिण छत्तीसगढ़ के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास के एक नए युग की शुरुआत है। इससे बस्तर का सीधा जुड़ाव राजधानी रायपुर और देश के अन्य हिस्सों से हो गया है।
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