नोएडा। बच्चों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और अच्छी व्यक्तिगत आदतों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से DAV स्कूल, सेक्टर-56, नोएडा के Eco Club के विद्यार्थियों ने YSS Street-to-School के बच्चों के साथ विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में बच्चों को मौखिक स्वच्छता यानी Oral Hygiene के साथ-साथ व्यक्तिगत साफ-सफाई के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को समझाया गया कि स्वस्थ जीवनशैली की शुरुआत छोटी उम्र से विकसित की गई अच्छी आदतों से होती है। बच्चों को नियमित रूप से दांत साफ करने, हाथ धोने, शरीर की स्वच्छता बनाए रखने और दैनिक जीवन में साफ-सफाई को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया।
बच्चों को बांटी गई स्वच्छता सामग्री
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों को टूथपेस्ट, टूथब्रश, साबुन और व्यक्तिगत स्वच्छता से जुड़ी अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। विद्यार्थियों ने बच्चों के साथ बातचीत करते हुए उन्हें स्वच्छता से जुड़ी जरूरी बातें सरल तरीके से समझाईं।
कार्यक्रम में डॉ. रुचिर दुबे ने बच्चों को दांतों की सही तरीके से सफाई करने और ब्रश करने का व्यावहारिक प्रदर्शन भी दिया। उन्होंने बताया कि दांतों और मुंह की नियमित सफाई न केवल मौखिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि यह बच्चों की समग्र स्वास्थ्य आदतों का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ. दुबे ने बच्चों को नियमित रूप से ब्रश करने, दांतों एवं मुंह को साफ रखने और स्वस्थ आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। बच्चों ने भी गतिविधि में उत्साहपूर्वक भाग लिया और दांतों की सफाई के सही तरीके को समझा।
अभिभावकों को भी किया जागरूक
कार्यक्रम में YSS Street-to-School से जुड़े कुछ बच्चों के माता-पिता ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान अभिभावकों को बच्चों में कम उम्र से ही स्वच्छता एवं मौखिक स्वास्थ्य से जुड़ी अच्छी आदतें विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में समाजसेवी राजेश्वरी त्यागराजन, डॉ. रुचिर दुबे, सुनीता घटाना, सोनू, निशी तथा Amity University के स्वयंसेवक मौजूद रहे। DAV स्कूल के Eco Club के विद्यार्थियों ने बच्चों के साथ संवाद किया और उन्हें स्वच्छता सामग्री वितरित की।

विद्यार्थियों की पहल से मिला जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल स्वच्छता सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि बच्चों को साफ-सफाई और स्वास्थ्य के प्रति व्यवहारिक रूप से जागरूक करना भी रहा। विद्यार्थियों, डॉक्टरों, अभिभावकों, स्वयंसेवकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को सामुदायिक जागरूकता का रूप दिया।
इस पहल के माध्यम से बच्चों को यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे दैनिक जीवन की आदत बनाना जरूरी है। कार्यक्रम में बच्चों को सरल संदेश दिया गया— “स्वच्छ दांत, स्वच्छ शरीर और स्वस्थ जीवन—अच्छी आदतों की शुरुआत बचपन से।”
आयोजकों के अनुसार, इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी दिनचर्या में बेहतर आदतें अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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