नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वर्ल्ड गिफ्ट्स एक्सपो 2026 भारतीय हस्तशिल्प, हैंडलूम और पारंपरिक उद्योगों के लिए एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मंच बनकर उभरा है। हॉल संख्या 1 से 6 तक फैले इस भव्य आयोजन में देशभर के कारीगरों, निर्यातकों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) ने अपने उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन किया है। एक्सपो में भारत के साथ-साथ विदेशों से आए खरीदार भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिससे व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (HHEWA) के अनुसार, इस वर्ष एक्सपो में करीब 750 प्रदर्शक भाग ले रहे हैं। प्रदर्शनी में हैंडलूम, हस्तशिल्प, टेक्सटाइल, ग्लास क्राफ्ट, होम डेकोर और पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक कॉर्पोरेट गिफ्ट्स, वेडिंग गिफ्ट्स, फेस्टिवल गिफ्ट्स, प्रमोशनल आइटम्स और लाइफस्टाइल उत्पादों के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इससे भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने की संभावना बढ़ी है।
Facebook:-https://www.facebook.com/sandhyatoday
इस अवसर पर गौतम बुद्ध नगर के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने मेले का भ्रमण किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर कारीगरों, उद्यमियों और निर्यातकों से संवाद किया तथा भारतीय शिल्पकला, उत्पादों की गुणवत्ता और नवाचार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन देश के पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक मंच प्रदान करने के साथ-साथ निर्यात बढ़ाने और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि एक्सपो में देश-विदेश के खरीदार व्यापारिक ऑर्डर बुक कर रहे हैं, जिससे विशेष रूप से MSME क्षेत्र और पारंपरिक कारीगरों को नए व्यावसायिक अवसर मिल रहे हैं। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन भारतीय उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।
HHEWA के अध्यक्ष सी. पी. शर्मा ने कहा कि यह एक्सपो स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग जगत, निर्यातकों और कारीगरों के संयुक्त प्रयासों से भारत का हस्तशिल्प एवं हैंडलूम क्षेत्र नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन “वोकल फॉर लोकल”, “मेक इन इंडिया” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP)” जैसी पहलों को भी मजबूती प्रदान कर रहा है, जिससे देश के पारंपरिक उद्योगों और कारीगरों को व्यापक बाजार उपलब्ध हो रहा है।
व्यापार विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ल्ड गिफ्ट्स एक्सपो 2026 न केवल भारतीय शिल्प और संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है, बल्कि निर्यात वृद्धि, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का भी मार्ग प्रशस्त कर रहा है। भारत मंडपम में आयोजित यह आयोजन भारतीय कारीगरों की रचनात्मकता, गुणवत्ता और नवाचार का प्रभावशाली प्रदर्शन साबित हो रहा है।
यह भी खबर पढ़े:- Kailash Hospital |