नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026। दिव्य केयर फाउंडेशन द्वारा कैलाश कॉलोनी स्थित बृजमोहन मुंजाल वैदिक केंद्र में गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर लगभग 200 श्रद्धालुओं, आध्यात्मिक साधकों एवं गुरु-भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सद्गुरु के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण व्यक्त किया। कार्यक्रम प्रेममयी गुरुमाँ की दिव्य उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे पूरे आयोजन का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक भावनाओं से ओत-प्रोत रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और गुरु वंदना के साथ हुई। इसके बाद आयोजित दिव्य सत्संग, मार्गदर्शित ध्यान (गाइडेड मेडिटेशन), भजन-कीर्तन और गुरु पूजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति एवं आत्मिक आनंद का अनुभव कराया। कार्यक्रम के दौरान प्रेममयी गुरुमाँ ने अपने प्रेरक संदेश में गुरु-शिष्य परंपरा के सनातन महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाले पथप्रदर्शक होते हैं। उन्होंने आत्मजागरण, करुणा, सेवा, प्रेम और आध्यात्मिक चेतना को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश दिया।
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कार्यक्रम की मुख्य अतिथि भारत की प्रथम महिला आईपीएस अधिकारी एवं पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच का विकास गुरु के मार्गदर्शन से ही संभव है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है और गुरु की शिक्षाएं व्यक्ति को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती हैं।
महोत्सव का एक विशेष आकर्षण प्रेममयी गुरुमाँ की नवीन पुस्तक का लोकार्पण रहा। इस अवसर पर पुस्तक का विधिवत विमोचन किया गया, जिसका उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया। पुस्तक में आध्यात्मिक जीवन, आत्मविकास, सेवा और मानवीय मूल्यों से जुड़े विचारों को सरल एवं प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया गया है।

आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सामूहिक प्रार्थना, भजन-संगीत और ध्यान सत्रों में भाग लिया। पूरे कार्यक्रम में सेवा, सद्भाव, आध्यात्मिक जागरूकता और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश प्रमुख रूप से देखने को मिला। कार्यक्रम के अंत में प्रेममयी गुरुमाँ ने सभी श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करते हुए मानवता की सेवा, आध्यात्मिक उन्नति और सामाजिक समरसता के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 का समापन सामूहिक प्रार्थना, गुरु वंदना और मानव कल्याण के संकल्प के साथ हुआ। यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए केवल एक धार्मिक समारोह नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आध्यात्मिक विकास और भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा के मूल्यों को आत्मसात करने का प्रेरणादायी अवसर बनकर सामने आया।
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