हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की पहल, सरकार से आर्थिक सहायता नहीं बल्कि सिर्फ अनुमति और सहयोग की मांग
ग्रेटर नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को गोल्डन ऑवर के दौरान तेजी से चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘संजीवनी बूटी मिशन’ के तहत हेलीकॉप्टर रेस्क्यू सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया है। हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार की टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण को ज्ञापन सौंपते हुए दावा किया कि प्रत्येक वाहन से टोल के रूप में सिर्फ ₹1 की व्यवस्था कर आम नागरिकों के लिए हेलीकॉप्टर आधारित आपातकालीन रेस्क्यू सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
टीम ने स्पष्ट किया कि इस पहल के लिए सरकार से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की मांग नहीं की जा रही है। उनका कहना है कि सरकार के खजाने से ₹1 भी नहीं चाहिए, बल्कि केवल आवश्यक अनुमति और सहयोग चाहिए, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे पर किसी व्यक्ति की जान खतरे में होने पर हेलीकॉप्टर के माध्यम से उसे समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त किया।
ग्रेटर नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के अधिकारी IAS शैलेंद्र सिंह ने ज्ञापन प्राप्त करते हुए ‘संजीवनी बूटी मिशन’ को एक ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि उनके जन्मदिन के शुभ अवसर पर इस तरह के ऐतिहासिक मिशन पर कार्य करने की संभावना उनके लिए खुशी की बात है।
उन्होंने कहा कि कोविड के बाद से लगभग हर सप्ताह सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित मदद के लिए कॉल आती रहती हैं, जहां कई बार परिस्थितियों के कारण अधिकारी भी सीमित हो जाते हैं। ऐसे में सड़क दुर्घटना पीड़ितों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।
एविएशन विशेषज्ञ डॉ. नवनीत ने दी तकनीकी जानकारी
यमुना प्राधिकरण के समक्ष हेलमेट मैन ऑफ इंडिया की टीम ने एविएशन से जुड़ी तकनीकी जानकारी भी विस्तारपूर्वक प्रस्तुत की। एविएशन इंडस्ट्री में लगभग 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले डॉ. नवनीत ने मिशन की कार्यप्रणाली और हेलीकॉप्टर रेस्क्यू से संबंधित तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।
टीम के अनुसार, डॉ. नवनीत भारत सहित दुनिया के कई देशों में कठिन परिस्थितियों के दौरान 5,000 से अधिक लोगों के रेस्क्यू ऑपरेशन में योगदान दे चुके हैं।
इस मिशन के लिए हेलीकॉप्टर की उपलब्धता लीज कंपनी EMSOS Pvt. Ltd. द्वारा कराए जाने की बात कही गई है।
हेलीपैड और ग्राउंड ऑपरेशन की जिम्मेदारी
मिशन से जुड़े हेलीपैड और DGCA से संबंधित ग्राउंड कार्यों में भारतीय सेना में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके कर्नल मोहित गौण की भूमिका बताई गई है।
कर्नल मोहित गौण ने कहा कि सीमाओं की रक्षा के साथ-साथ अब सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं के खिलाफ भी प्रभावी लड़ाई लड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यमुना एक्सप्रेसवे पर आम जनता के लिए सिर्फ ₹1 में हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराने की पहल गर्व की बात होगी।
गोल्डन ऑवर में जान बचाने का लक्ष्य
‘संजीवनी बूटी मिशन’ का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों तक तेजी से चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। कई ऐसे स्थान हैं जहां सड़क मार्ग से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण समय लग जाता है। डीपीआर में चिन्हित स्थानों पर दुर्घटना के बाद घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाना आज भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
हेलमेट मैन ऑफ इंडिया राघवेंद्र कुमार की टीम ने प्राधिकरण के सामने इस चुनौती के समाधान की पूरी कार्ययोजना प्रस्तुत की। इसमें प्रत्येक वाहन से सिर्फ ₹1 की राशि टोल के माध्यम से लेकर सभी नागरिकों के लिए आपातकालीन हेलीकॉप्टर रेस्क्यू सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शामिल है।
टीम ने हेलीकॉप्टर की उपलब्धता, ऑपरेशनल व्यवस्था, जमीन पर आवश्यक तैयारी, हेलीपैड और रेस्क्यू सिस्टम से जुड़ी विस्तृत योजना भी प्राधिकरण के समक्ष रखी।
सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ नहीं
मिशन की सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई गई कि इसे सरकारी राजस्व पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाले बिना संचालित करने की योजना है।
टीम ने कहा कि सरकार से आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि केवल आवश्यक अनुमति और सहयोग की आवश्यकता है, ताकि यमुना एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटना के दौरान घायल व्यक्ति तक जल्द से जल्द हेलीकॉप्टर पहुंच सके।
मिशन का लक्ष्य स्पष्ट है कि दुर्घटना होने के बाद समय बर्बाद नहीं होना चाहिए, क्योंकि हर सेकंड किसी व्यक्ति की जिंदगी बचा सकता है।
ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान राघवेंद्र कुमार, डॉ. नवनीत, कर्नल मोहित, पवन द्विवेदी, सिद्धि विनायक, शुभम सिंह, श्रेया शर्मा, ओमप्रकाश और नन्द किशोर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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