नोएडा। शहर के सबसे व्यस्त जंक्शनों में शामिल पर्थला चौक पर लगातार बढ़ते यातायात दबाव और जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए 6 लेन अंडरपास बनाने की तैयारी है। नोएडा प्राधिकरण की प्रस्तावित इस परियोजना को भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। अंडरपास के निर्माण से एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों का आवागमन सुगम होने के साथ पर्थला चौक पर लगने वाले जाम में कमी आने की उम्मीद है।
पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है। यह कॉरिडोर गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस मार्ग पर पूरे दिन वाहनों का दबाव बना रहता है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में पर्थला चौक पर जाम की स्थिति गंभीर हो जाती है।
नोएडा और आसपास के इलाकों में तेजी से हो रहे आवासीय और व्यावसायिक विकास के कारण आने वाले वर्षों में यातायात का दबाव और बढ़ने की संभावना है। इसी को देखते हुए प्रस्तावित अंडरपास को मौजूदा जरूरतों के साथ भविष्य के ट्रैफिक को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
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हर दिशा में तीन-तीन लेन
प्रस्तावित अंडरपास 6 लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन उपलब्ध होंगी। परियोजना के तहत अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर प्रस्तावित है। प्रत्येक दिशा में करीब 110 मीटर लंबे आरसीसी बॉक्स, 20 मीटर का खुला आकाश वाला मार्ग और दोनों ओर लगभग 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग बनाए जाने का प्रस्ताव है।

अंडरपास में बारिश के पानी और रिसाव की निकासी के लिए दो संप तथा उपयुक्त पंपिंग व्यवस्था भी प्रस्तावित की गई है। निर्माण के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा बुनियादी ढांचे की स्थिरता बनाए रखने के लिए बॉक्स पुशिंग तकनीक और साइट पर आरसीसी निर्माण का इस्तेमाल प्रस्तावित है।
करीब 80 करोड़ रुपये आएगी लागत
परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 80 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके निर्माण की प्रस्तावित अवधि 8 महीने रखी गई है। परियोजना पूरी होने के बाद पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और जाम में कमी आने के साथ एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात का निर्बाध संचालन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
अंडरपास बनने से पर्थला चौक के आसपास रहने वाले लोगों के अलावा सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-72, सेक्टर-122, किसान चौक और छिजारसी सहित आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे यात्रियों के यात्रा समय में कमी आने और सड़क सुरक्षा में सुधार की भी संभावना है।
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य केवल मौजूदा जाम की समस्या का समाधान करना नहीं है, बल्कि शहर की भविष्य की यातायात जरूरतों के अनुरूप आधारभूत ढांचे को मजबूत करना भी है। प्रस्तावित 6 लेन अंडरपास को नोएडा में बेहतर, सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था विकसित करने की दिशा में अहम परियोजना माना जा रहा है।
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