देहरादून। पद्मश्री से सम्मानित, एम्स गुवाहाटी के अध्यक्ष तथा प्रख्यात अस्थि रोग विशेषज्ञ प्रो. डॉ. भूपेंद्र कुमार सिंह संजय ने अपने सिक्किम प्रवास के दौरान सड़क सुरक्षा जागरूकता, अकादमिक संवाद और राष्ट्रीय सेवा के संदेश को व्यापक रूप से सामने रखा। इस अवसर पर उन्होंने रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नाथूला दर्रे का भी दौरा किया।
प्रो. डॉ. संजय ने सिक्किम मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी सिक्किम में सड़क सुरक्षा जागरूकता विषय पर व्याख्यान दिए। विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात व्यवस्था से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती और राष्ट्रीय जिम्मेदारी है।
उन्होंने सड़क पर जिम्मेदार व्यवहार अपनाने, यातायात नियमों का पालन करने, तेज गति से वाहन चलाने से बचने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले ध्यान भटकाव को रोकने तथा नशे में वाहन न चलाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के नियमित एवं अनिवार्य उपयोग की आवश्यकता भी रेखांकित की।
उन्होंने विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा के जागरूक दूत बनकर समाज में जिम्मेदार नागरिकता और सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर से शिष्टाचार भेंट
सिक्किम प्रवास के दौरान प्रो. डॉ. संजय ने सिक्किम के माननीय राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर जी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने अपने सह-लेखक डॉ. गौरव संजय के साथ लिखी पुस्तक ‘भारत में सड़क दुर्घटनाएं’ राज्यपाल महोदय को भेंट की।
मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई।
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नाथूला दर्रे का किया दौरा
प्रो. डॉ. संजय के सिक्किम दौरे का एक विशेष आकर्षण नाथूला दर्रे का भ्रमण रहा। यहां भारतीय सेना के अधिकारियों एवं जवानों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें नाथूला के ऐतिहासिक, भौगोलिक और सामरिक महत्व के साथ-साथ प्राचीन सिल्क रूट में इसकी भूमिका तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए इसके महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर उन्हें स्मृति-चिह्न भी भेंट किया गया।
वर्ष 2015 में अतिरिक्त मार्ग के रूप में शुरू हुआ नाथूला मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रियों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अपेक्षाकृत सुगम मोटर मार्ग का विकल्प उपलब्ध कराता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भी इस मार्ग के खुलने का स्वागत करते हुए इसे यात्रा को अधिक सुलभ और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया था।
वर्ष 2025 में नाथूला मार्ग से यात्रा की पुनः शुरुआत ने इसके धार्मिक, सामरिक और राष्ट्रीय महत्व को और बढ़ाया।
स्वास्थ्य, शिक्षा और राष्ट्रीय जिम्मेदारी को जोड़ने वाली यात्रा
प्रो. डॉ. संजय ने सिक्किम में मिले आत्मीय एवं यादगार आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह यात्रा स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा, राष्ट्रीय सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।
उन्होंने नीति-निर्माताओं से सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक जनशिक्षा तथा यातायात नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करने की अपील की। साथ ही उन्होंने जनता से सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का आह्वान किया।
उन्होंने दोहराया कि—
“सड़क पर बचाई गई हर एक जिंदगी राष्ट्र की विजय है।”
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