Home राज्य दिल्ली National Handloom :-भारत की हथकरघा विरासत को समर्पित ‘राष्ट्रीय हथकरघा समारोह–2026’ का...

National Handloom :-भारत की हथकरघा विरासत को समर्पित ‘राष्ट्रीय हथकरघा समारोह–2026’ का आयोजन

0
The 'National Handloom Festival–2026', dedicated to India's handloom heritage, was organized at the Constitution Club of India, Rafi Marg, New Delhi, by Adilila Foundation and Banaras Yarns and Fabrics Pvt. Ltd., Hyderabad.
  1. नई दिल्ली | भारत की हथकरघा विरासत को समर्पित ‘राष्ट्रीय हथकरघा समारोह–2026’ का आयोजन को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, रफी मार्ग नई दिल्ली पर आदिलीला फाउंडेशन, और बनानाज़ यार्न एंड फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ वेणु गोपाल चैरी पूर्व केंद्रीय मंत्री भारत सरकार, विशेष अतिथि श्री पी नरहरी (IAS) संयुक्त सचिव ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार, श्री राजीव जैन पूर्व CEO वस्त्र मंत्रालय नई दिल्ली, डॉ. सुरेंद्र कुमार पूर्व निदेशक वस्त्र मंत्रालय नई दिल्ली, श्री भास्कर रेड्डी पूर्व अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. एस आदिनारायण फाउंडर, राष्ट्रीय अध्यक्ष आदि लीला फाउंडेशन डॉ. वेंकट रेड्डी एवं डॉ. सी भार्गवी, फाउंडर बनानाज यार्ड फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड उपस्थित थे। डॉ. राजा तालुकदार, डॉ. प्रद्युम्न कुमार सिन्हा, संजय भाई (BWS) डॉ. वि के प्रसाद, श्रीमती शशि कला कौशिक जी उपस्थित रहे।

यह राष्ट्रीय आयोजन भारतीय हथकरघा क्षेत्र के उन बुनकरों, शिल्पकारों, वस्त्र तकनीकी विशेषज्ञों, उद्यमियों, निर्यातकों तथा संस्थाओं को समर्पित रहा, जिन्होंने देश की पारंपरिक बुनाई कला, वस्त्र उद्योग तथा ग्रामीण आजीविका को नई दिशा देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

किताब खरीदने के लिए लिंक पर क्लिक करे :-https://amzn.in/d/03kKDI1n

 

समारोह के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से आए उत्कृष्ट हथकरघा बुनकरों, वस्त्र तकनीकी विशेषज्ञों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, हथकरघा निर्यातकों, उद्यमियों तथा अन्य विशिष्ट हस्तियों को भारतीय हथकरघा उद्योग के संरक्षण, संवर्धन, नवाचार, गुणवत्ता सुधार तथा रोजगार सृजन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा।

भारत का हथकरघा उद्योग केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक ज्ञान, आत्मनिर्भरता और करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका का आधार है। बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारतीय हथकरघा उत्पाद अपनी गुणवत्ता, पर्यावरण-अनुकूल उत्पादन प्रणाली और सांस्कृतिक विशिष्टता के कारण विश्वभर में नई पहचान बना रहे हैं। ऐसे समय में यह समारोह हथकरघा क्षेत्र के संरक्षण, संवर्धन और आधुनिक तकनीक के साथ उसके समन्वय की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

भारत की हथकरघा विरासत को समर्पित 'राष्ट्रीय हथकरघा समारोह–2026' का आयोजन को कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ़ इंडिया, रफी मार्ग नई दिल्ली पर आदिलीला फाउंडेशन, और बनानाज़ यार्न एंड फैब्रिक्स प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद के द्वारा किया गया।
Adilila Foundation and Banaras Yarns and Fabrics Pvt. Ltd., Hyderabad.

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डॉ. वेंकटा रेड्डी के द्वारा बनाना फाइबर से तैयार हुए वस्त्र रहे। उन्होंने बनाना फाइबर(केले के पेड़ से) के ऊपर किए गए अपने अध्ययन और शोधों को बताया की किस तरह से उन्होंने इस पर कार्य किया और आने वाले समय में इसका भविष्य क्या होगा यह किस तरह से लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करवाएगा।

इस के अतिरक्त कार्यक्रम में सतत विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण, महिलाओं एवं युवाओं के कौशल विकास, उद्यमिता, रोजगार सृजन तथा स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने जैसे विषयों चर्चा की गई। यह आयोजन ‘आत्मनिर्भर भारत’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’ तथा ‘लोकल टू ग्लोबल’ की राष्ट्रीय सोच को आगे बढ़ाने का एक प्रभावी मंच बनेगा। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम, दीप प्रज्वलित और गणेश वंदना के साथ हुआ और समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया।

इस आयोजकों में भारत सरकार एवं विभिन्न राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, हथकरघा एवं वस्त्र संगठनों, निर्यातकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं तथा आम नागरिकों ने कार्यक्रम में भाग लिया
यह संपूर्ण कार्यक्रम आदि लीला फाउंडेशन के तत्वाधान में किया गया।

 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version