पिथौरागढ़: उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल आदि कैलाश में इस बार पर्यटकों की बढ़ती संख्या का एक अलग ही असर देखने को मिला। करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर वाहनों की संख्या बढ़ने से सड़क पर लंबा जाम लग गया। ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में पहली बार इस तरह की यातायात स्थिति ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
आदि कैलाश यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं। निजी वाहनों और अन्य वाहनों की बढ़ती आवाजाही के कारण संकरी पहाड़ी सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई यात्रियों को काफी समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा।
ऊंचाई वाले क्षेत्र में बढ़ी परेशानी
14,500 फीट की ऊंचाई पर मौसम और ऑक्सीजन की कमी पहले से ही यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में लंबे समय तक वाहन जाम में फंसने से बुजुर्गों, बच्चों और स्वास्थ्य संबंधी समस्या वाले यात्रियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पर्यटकों का कहना है कि आदि कैलाश क्षेत्र में बढ़ती लोकप्रियता के साथ वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में यातायात प्रबंधन, पार्किंग और वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए बेहतर व्यवस्था की जरूरत महसूस हो रही है।
FACEBOOK :- https://www.facebook.com/sandhyatoday
बढ़ते पर्यटन के साथ जरूरी है बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट
आदि कैलाश धार्मिक आस्था के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी देशभर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहा है। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिल रहा है, लेकिन दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में बढ़ता ट्रैफिक प्रशासन के लिए नई चुनौती भी बन रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे संवेदनशील ऊंचाई वाले इलाकों में वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना, निर्धारित पार्किंग व्यवस्था विकसित करना और संवेदनशील स्थानों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट मजबूत करना जरूरी है। इससे यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को भी कम किया जा सकेगा।
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरें
आदि कैलाश में लगे जाम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है। ऊंचाई वाले क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें देखकर लोग पहाड़ी पर्यटन स्थलों पर बढ़ते दबाव और यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
आदि कैलाश यात्रा के बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती पर्यटन सुविधाओं और पर्यावरणीय संतुलन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की होगी।
यह ही खबर पढ़े:- सड़क सुरक्षा, शिक्षा और राष्ट्रीय सेवा का दिया संदेश | Sandhya Today



[…] […]