मुंबई में दो दिवसीय बैठक के बाद कई मुद्दों पर बनी रणनीति, किसानों की मांगों को लेकर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन होंगे
मुंबई। किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा (AIKS) ने देशभर में किसान आंदोलन तेज करने का फैसला किया है। संगठन की केंद्रीय किसान समिति (CKC) की दो दिवसीय बैठक 28 और 29 जून को मुंबई स्थित YMCA सेंटर में आयोजित हुई, जिसमें कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में किसानों की आय, बढ़ती लागत, फसलों के उचित दाम, कर्ज, सिंचाई, प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान और कृषि क्षेत्र से जुड़े अन्य मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। संगठन ने आरोप लगाया कि किसानों की कई प्रमुख मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में असंतोष बढ़ रहा है।
बैठक के बाद केंद्रीय किसान समिति ने देशभर में किसान संघर्ष को और तेज करने का निर्णय लिया। इसके तहत विभिन्न राज्यों में धरना-प्रदर्शन, रैलियां, जनसभाएं और जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संगठन का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सरकार के सामने मजबूती से उठाना और उनके समाधान के लिए दबाव बनाना है।
किसान सभा ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, किसानों की कर्जमाफी, कृषि लागत में कमी, फसल बीमा व्यवस्था में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दे आंदोलन के केंद्र में रहेंगे।
संगठन ने देशभर के किसानों से आंदोलन में शामिल होने और अपनी मांगों को लेकर एकजुट होने की अपील भी की है।
हाइलाइट्स
- मुंबई में 28-29 जून को हुई केंद्रीय किसान समिति की बैठक।
- अखिल भारतीय किसान सभा ने देशभर में आंदोलन तेज करने का फैसला लिया।
- किसानों के मुद्दों पर धरना, प्रदर्शन और जनसभाओं की होगी शुरुआत।
- MSP की कानूनी गारंटी, कर्जमाफी और कृषि सुधार प्रमुख मांगें।
- किसानों से आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील।


