वैशाली। वैशाली जिले के बलिगांव थाना क्षेत्र में एक छात्र को गोली मारकर लूट किए जाने की सोशल मीडिया पर प्रसारित खबर को लेकर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के अनुसार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रही लूट की खबर की जांच में फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान में भी उससे लूट किए जाने की बात सामने नहीं आई है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक मामला प्रथम दृष्टया आपसी रंजिश से जुड़ा हुआ प्रतीत हो रहा है। घटना में युवक के दोनों पैरों में गोली लगने की जानकारी सामने आई है। घायल का इलाज वर्तमान में मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल में चल रहा है।
लूट की बात की पुलिस ने नहीं की पुष्टि
वैशाली पुलिस की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि सोशल मीडिया एवं विभिन्न समाचार माध्यमों में बलिगांव थाना क्षेत्र में छात्र को गोली मारकर लूटे जाने संबंधी खबर प्रसारित हो रही थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि घायल व्यक्ति के बयान में उससे लूट किए जाने की घटना का कोई उल्लेख या स्वीकारोक्ति नहीं है।
पुलिस के मुताबिक अब तक मिली प्रारंभिक जानकारी और अनुसंधान के आधार पर घटना के पीछे आपसी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।

चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी
जांच के दौरान पुलिस को घटना में चार अपराधियों के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस ने बताया कि इन सभी के खिलाफ बलिगांव थाना में मामला दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना की वास्तविक वजह तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
अफवाहों से बचने की पुलिस की अपील
वैशाली पुलिस ने आम लोगों और मीडिया से अपील की है कि घटना से संबंधित अस्पष्ट, अपुष्ट या भ्रामक सूचनाओं को प्रसारित न किया जाए। पुलिस का कहना है कि जांच से सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई और जानकारी साझा की जाएगी।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही हर जानकारी को सत्य मानकर साझा करने के बजाय आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
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