समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर के अध्यक्ष डॉ. आश्रय गुप्ता ने नोएडा में बड़ी संख्या में लगाए जा रहे अवैध, असुरक्षित एवं अनधिकृत यूनिपोल विज्ञापन ढांचों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार के गृह मंत्री श्री अमित शाह को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि नोएडा में पिछले कई महीनों से विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में यूनिपोल लगाए जा रहे हैं, जिनमें से अनेक सुरक्षा मानकों, इंजीनियरिंग नियमों तथा आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियों की अनदेखी कर स्थापित किए गए प्रतीत होते हैं। इन संरचनाओं के कारण आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने अपने पत्र में 4 जून को फूटपाथ के निकट लगे एक यूनिपोल के गिरने से हुई दुर्घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि इस हादसे में एक टेम्पो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया था। यह घटना दर्शाती है कि ऐसे असुरक्षित ढांचे किसी भी समय बड़े हादसे और जनहानि का कारण बन सकते हैं।
सपा महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एलिवेटेड रोड के आसपास तथा सेक्टर-75, 76, 51, 62, 34, 70 सहित विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में यूनिपोल स्थापित किए गए हैं। इनमें से कई सार्वजनिक भूमि और सुविधाओं के लिए निर्धारित स्थानों पर लगाए गए हैं, जिससे नागरिक सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि कई स्थानों पर यूनिपोल अत्यंत असुरक्षित तरीके से स्थापित किए गए हैं, जिससे पैदल यात्रियों, वाहन चालकों तथा आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर निरंतर खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई न किए जाने से लोगों में आक्रोश है।
उन्होंने गृह मंत्री से मांग की है कि नोएडा में स्थापित सभी यूनिपोलों का तत्काल तकनीकी एवं संरचनात्मक ऑडिट कराया जाए, सभी अवैध एवं असुरक्षित विज्ञापन संरचनाओं को हटाया जाए तथा उनकी अनुमति एवं निर्माण प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
साथ ही जहां-जहां यूनिपोल गिरने या दुर्घटना की घटनाएं हुई हैं, वहां संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की भी मांग की गई है।
डॉ. आश्रय गुप्ता ने कहा कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि समय रहते इन खतरनाक संरचनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, औद्योगिक विकास मंत्री, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों, पुलिस आयुक्त तथा जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को भी भेजी गई है।


